ॐतत्सत
संन्यास, संसार की जलन और आग का अतिक्रमण है| और जो उसे पूरा पार कर लेता है, वही अधिकारी हो पता है| संन्यास संसार से विरोध नहीं, संन्यास संसार की पूर्ण समझ और संघर्ष का फल है|
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संन्यास, संसार की जलन और आग का अतिक्रमण है| और जो उसे पूरा पार कर लेता है, वही अधिकारी हो पता है| संन्यास संसार से विरोध नहीं, संन्यास संसार की पूर्ण समझ और संघर्ष का फल है|
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